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झारखंड में पहली बार दोनों सीटों पर सत्ताधारी गठबंधन आगे, भाजपा पीछे

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General News

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Digital Desk

| Mumbai
|

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झारखंड में दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव में तेरह चरण की मतगणना संपन्न हो गयी है और पड़ोसी बिहार के रुझानों के विपरीत पहली बार दोनों सीटों पर भाजपा पीछे हो गयी है जबकि सत्ताधारी गठबंधन ने दोनों ही स्थानों पर बढ़त बना ली है।

बेरमो में जहां कांग्रेस के अनूप सिंह ने बड़ी बढ़त बरकरार रखी है वहीं दुमका में भाजपा की लुईस मरांडी पहली बार पिछड़ गयी हैं और अब वह 2800 मतों से पीछे हो गयी हैं और यहां सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के बसंत सोरेन ने बढ़त बना ली है।

झारखंड के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी हीरालाल मंडल ने बताया कि राज्य की बेरमो एवं दुमका विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनावों में मतगणना का कार्य सुबह आठ बजे से ही शांतिपूर्वक जारी है और अब तक तेरह चरणों की हुई मतगणना में दुमका में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन ने भाजपा की लुईस मरांडी से 2800 मतों की बढ़त बना ली है। इससे पहले बसंत 11वें चरण तक लगातार लुईस मरांडी से पीछे चल रहे थे।

दूसरी ओर बोकारो की बेरमो विधानसभा सीट पर तेरह चरणों की मतगणना में कांग्रेस के अनूप सिंह ने भाजपा के योगेश्वर महतो पर 13204 मतों की बड़ी बढ़त बना ली है।

तेरह चरणों के बाद दुमका में जहां भाजपा की मरांडी को कुल 54567 मत प्राप्त हुए हैं वहीं झामुमो के बसंत सोरेन को 57367 मत प्राप्त हुए हैं। महत्वपूर्ण है कि अब तक सिर्फ शहरी इलाकों की मतगणना हुई थी और ग्रामीण इलाकों में मतगणना प्रारंभ होते ही भाजपा की मरांडी, बसंत से तेजी से पिछड़ने लगी हैं।

बेरमो में तेरह चरण की मतगणना के बाद अब तक भाजपा के योगेश्वर महतो को जहां 57,835 मत प्राप्त हुए हैं वहीं कांग्रेस के कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह को कुल 71,039 मत प्राप्त हुए हैं जिसके चलते अब वह 13204 मतों के बड़े अंतर से भाजपा उम्मीदवार से आगे हो गये हैं।

राज्य की दोनों सीटों पर तीन नवंबर को मतदान हुआ था।

झारखण्ड में दुमका एवं बोकारो जिला अंतर्गत 10 दुमका तथा 35 बेरमो विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनावों की मतगणना भारी सुरक्षा के बीच मंगलवार को सुबह आठ बजे से प्रारंभ हुई।

दुमका सीट पर इन उपचुनावों में कुल 12 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिनके भाग्य का फैसला आज शाम तक हो जायेगा। राज्य की इस प्रतिष्ठापरक सीट को बचाने के लिए जहां सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सब कुछ दांव पर लगा दिया वहीं वर्ष 2014 में इस सीट को जीतने वाली भाजपा ने भी उपचुनाव में इस सीट को वापस जीतने के लिए पूरा जोर लगाया है जिससे यहां मुकाबला कांटे का होने की संभावना थी।

दुमका सीट पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिसंबर में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की तत्कालीन कल्याण मंत्री लुईस मरांडी को 13188 मतों से पराजित किया था लेकिन वह निकट की बरहेट विधानसभा सीट से भी चुनाव जीते थे और बाद में उन्होंने बरहेट सीट अपने पास रखी और दुमका सीट खाली कर दी जिसके कारण यहां उपचुनाव कराने पड़े।


 

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